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जालौन के चर्चित स्कूल कर्मचारी हत्या केस में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ऐसा फैसला सुनाया है

जालौन के चर्चित स्कूल कर्मचारी हत्या केस में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ऐसा फैसला सुनाया है जिसने पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया है। हाईकोर्ट ने बसपा के पूर्व विधायक के बेटे अमन कुमार सिंह उर्फ मिक्की की गिरफ्तारी और मजिस्ट्रेट द्वारा दिए गए रिमांड आदेश को ही अवैध करार दे दिया। इतना ही नहीं, अदालत ने तत्काल हिरासत से रिहा करने का आदेश भी दे दिया है। साथ ही जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई और रिमांड मजिस्ट्रेट से स्पष्टीकरण मांगने के भी निर्देश दिए गए हैं। इस फैसले के बाद जालौन जिले में यह मामला फिर से चर्चा का केंद्र बन गया है। दरअसल यह मामला जालौन जिले के चर्चित स्कूल कर्मचारी हत्या कांड से जुड़ा हुआ है। इसी मामले में बसपा के पूर्व विधायक अजय कुमार सिंह के बेटे अमन कुमार सिंह उर्फ मिक्की को आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने इस मामले में उन्हें गिरफ्तार किया था और बाद में मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर रिमांड भी लिया गया था। लेकिन अब इस पूरी गिरफ्तारी प्रक्रिया और रिमांड को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। आरोपी अमन कुमार सिंह की ओर से अदालत में याचिका दाखिल की गई थी, जिसमें कोंच कोतवाली ...

विवहा पंजीकरण

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📢 अत्यंत महत्वपूर्ण सार्वजनिक सूचना (विवाह पंजीकरण से संबंधित) उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लागू उत्तर प्रदेश विवाह पंजीकरण नियमावली, 2017 के अंतर्गत माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा पारित आदेशों के अनुपालन में विवाह पंजीकरण प्रक्रिया में महत्वपूर्ण संशोधन एवं दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनका पालन अनिवार्य है। 🔹 विवाह पंजीकरण की नवीन व्यवस्था के मुख्य प्रावधान: ✅ विवाह संपन्न कराने वाले पुरोहित / मौलवी / पादरी / अथवा अन्य व्यक्ति की उपस्थिति अनिवार्य विवाह पंजीकरण के समय वही व्यक्ति उपस्थित रहेगा, जिसके द्वारा विवाह संपन्न कराया गया हो। ✅ शपथ-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य विवाह संपन्न कराने वाले व्यक्ति द्वारा निर्धारित प्रारूप में शपथ-पत्र प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें वर-वधू का नाम, पिता का नाम, पता, विवाह की तिथि, स्थान एवं रीति-रिवाज का उल्लेख होगा। ✅ फोटोग्राफ एवं पहचान विवरण शपथ-पत्र के साथ विवाह संपन्न कराने वाले व्यक्ति का नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो, मोबाइल नंबर एवं पहचान पत्र संलग्न करना आवश्यक होगा। ✅ वर एवं वधू के दस्तावेजों का सत्यापन वर एवं वधू की पहचान, आयु ...

आजादी की 99 साल की लीज ख़त्म अब भारत अमेरिका का गुलाम

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इस लड़की को कौन नहीं जानता होगा  ये है भाजपा युवा मोर्चा की कार्यकर्ता रुचि पाठक  एक बार इन्होंने लल्लन टॉप की डिबेट में कहा था कि भारत देश ने आजादी पूर्ण रूप से नहीं ली , आज भी भारत पूर्ण रूप से स्वतंत्र नहीं है  ये जो 1947 में आजादी मिली है ये 99 साल के पट्टे पर ली गई  मैने जब इस लड़की का वीडियो देखा , मैने सोचा इससे मूर्ख प्राणी कोई धरती पर नहीं है ये देश की आजादी को पट्टे पर मिली हुई आजादी बता रही है  लेकिन समय बिता और इस लड़की की बात 100% सच हो चुकी हैं आज जिस तरह भारत के सभी फैसले अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ले रहा है उसको देखकर लगता है कि अब 99 साल वाला पट्टा खत्म हो चुका है और हम फिर से गुलाम हो चुके है  जब भारत को अमरीका में बैठा डोनाल्ड ट्रंप रूस से 30 दिन के लिए तेल खरीदने की परमिशन दे रहा है  जब भारत को अमरीका राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से परमिशन लेनी पड़ रही है रूस से तैल लेने के लिए तो समझ ही जाओ 99 साल वाली आजादी का पट्टा समाप्त होने जा रहा है  अब क्या करेंगे , क्या खायेंगे , पियेंगे , कहा से तैल खरीदना , किसके साथ डील क...

उत्तर प्रदेश मे. जंगल राज

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है ; ‘उत्तर प्रदेश के किसी भी ज़िले में क़ानून का पालन नहीं हो रहा है। एक भी ऐसा मामला नहीं मिला जहाँ क़ानून या सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन किया जा रहा हो । पुलिस अधिकारी जो सर्विस में नए हैं जजों पर ख़ासकर जिला अदालतों में, दबाव डाल रहे हैं।’  इलाहाबाद हाईकोर्ट की यूपी पुलिस को कड़ी फटकार 🚨⚖️ इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को 👉 उत्तर प्रदेश पुलिस के रवैये पर 👉 गंभीर चिंता जताते हुए 👉 सख़्त शब्दों में चेतावनी दी। 🧑‍⚖️ न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने स्पष्ट कहा— 🗣️ “अदालत उत्तर प्रदेश को पुलिस राज्य नहीं बनने दे सकती।” यह टिप्पणी 📌 डीजीपी राजीव कृष्णा 📌 अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद की मौजूदगी में हुई वर्चुअल सुनवाई के दौरान की गई। 📌 कोर्ट की प्रमुख आपत्तियाँ ⚠️ पुलिस अधिकारी, विशेषकर युवा अफ़सर, ➡️ न्यायिक अधिकारियों ➡️ खासकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) पर ❗ अपने पक्ष में आदेश दिलाने का नियमित दबाव बना रहे हैं। ❗ कोर्ट ने कहा— 🗣️ “मुझे ऐसा एक भी मामला नहीं मिला, जहाँ कानून या सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का सही पालन हुआ हो।” 🔫 ...

140 रुपये की 'ज़िद' और करोड़ों का 'नुक़सान': बारा टोल की कहानी!

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140 रुपये की 'ज़िद' और करोड़ों का 'नुक़सान': बारा टोल की कहानी! ​जिस टोल प्लाज़ा पर वसूली की धौंस चलती थी, आज वहां सन्नाटा है। महज 130-140 रुपये के लिए एक वकील साहब से उलझना ठेकेदार को इतना भारी पड़ेगा, ये किसी ने नहीं सोचा था। ​अहंकार की हार: एक 'सॉरी' बोल दी होती तो बात खत्म हो जाती, लेकिन टोलकर्मियों की गुंडागर्दी उन्हें रिमांड तक ले गई। ​वकीलों का रेला: बारा टोल प्लाजा को अखाड़ा बनते देर नहीं लगी। यूपी के कोने-कोने से काला कोट धारी पहुंचे और व्यवस्था को आईना दिखा दिया। ​नतीजा: दो दिन से टोल फ्री, ठेका रद्द और करोड़ों का घाटा। ​सीख: जनता के साथ बदतमीजी अब महंगी पड़ेगी। बारा का असर अब दूसरे टोल नाकों पर भी दिख रहा है—वहां अब गेट 'धौंस' से नहीं, 'सम्मान' से खुल रहे हैं। ​बस एक गुजारिश: एकता की ताकत बड़ी है, बस इस पर उपद्रव का दाग न लगने पाए। न्याय की लड़ाई मर्यादा में ही शोभा देती है। ​#BaraToll #Barabanki #Justice #AdvocateUnity #upnewspaper

छोटी गलतियों पर जेल नहीं, 300 से ज्यादा कानूनी प्रावधान अपराध श्रेणी से बाहर... क्या करने जा रही सरकार?

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छोटी गलतियों पर जेल नहीं, 300 से ज्यादा कानूनी प्रावधान अपराध श्रेणी से बाहर... क्या करने जा रही सरकार? अब छोटी-मोटी गलतियों पर लोगों को जेल नहीं भेजा जाएगा, बल्कि उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। इससे अदालतों में लगने वाली भीड़ कम होगी और लोग अपनी गलती को तुरंत  नई दिल्ली:  सरकार छोटे-मोटे अपराधों के लिए जेल की सजा खत्म करने की तैयारी में है। इसके तहत 300 से 400 कानूनों में बदलाव किया जाएगा। अब छोटी गलतियों पर जेल नहीं होगी, बल्कि जुर्माना लगाया जाएगा। इससे लोगों को अदालतों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और वे मौके पर ही गलती सुधार सकेंगे। सांकेतिक तस्वीर मंत्रालय ऐसे कानूनों की पहचान कर रहे हैं जहां जेल की सजा की जगह भारी जुर्माना लगाया जाएगा। इससे व्यापार करने वालों को भी आसानी होगी। उन्हें छोटे-मोटे मामलों में सालों तक कोर्ट-कचहरी के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और जेल जाने का डर भी खत्म हो जाएगा। कई बार कानून पुराने हो जाते हैं और बदलते समय के साथ उनमें बदलाव नहीं होता, इसलिए यह कदम उठाया जा रहा है। 'जन विश्वास 2.0' नाम का एक बिल पहले ही संसद में पेश किया गया था। इसमें 288 प्रावधानों...

इलाहाबाद HC का बड़ा फैसला: 16 साल की उम्र में निकाह वैध, रे*प नहीं माना जाएगा - एड निर्दोष परिहार वाइट

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इलाहाबाद HC का बड़ा फैसला: 16 साल की उम्र में निकाह वैध, रे*प नहीं माना जाएगा — आरोपी इस्लाम को किया बरी   Prayagraj News:  इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपहरण, जबरन शादी और नाबालिग पत्नी से शारीरिक संबंध बनाने के एक केस में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस्लाम नामक युवक को सभी आरोपों से बरी कर दिया, जिसे पहले निचली अदालत ने 7 साल की सजा दी थी। क्या था मामला? इस्लाम पर आरोप था कि उसने एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर जबरन उससे शादी की और फिर शारीरिक संबंध बनाए। ट्रायल कोर्ट (निचली अदालत) ने इस्लाम को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 363 (अपहरण), 366 (जबरन शादी) और 376 (बलात्कार) के तहत दोषी मानते हुए सात साल की कठोर कैद की सजा दी थी। हाईकोर्ट ने क्यों दी राहत? मामले की सुनवाई जस्टिस अनिल कुमार की सिंगल बेंच ने की। उन्होंने ट्रायल कोर्ट का फैसला पलटते हुए इस्लाम को बरी कर दिया। हाईकोर्ट ने कई अहम बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए यह फैसला दिया: लड़की की गवाही ने बदला पूरा मामला पीड़िता (लड़की) ने कोर्ट में साफ कहा कि वह अपनी मर्जी से इस्लाम के साथ गई थी। उसने बताया कि दोनों ने कालपी में निकाह (...