कभी भी वकील को किसी हालत मे अपने क्लाइंट को झूठा और गुमराह करने की कोशिश नहीं करना चाहिए
🚨 जब झूठ की दुकान बंद होती है, तो वकील और मुवक्किल का खेल ऐसे ही सामने आता है! 🚨 कि कैसे पतियों से पैसे ऐंठने और झूठे मुकदमे दर्ज करवाने का खेल चलता है। अक्सर वकीलों द्वारा महिलाओं को बड़े-बड़े और झूठे सपने दिखाए जाते हैं — जैसे कि पति की कमाई को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाना और भारी-भरकम मेंटेनेंस (भरण-पोषण) व दहेज का मोटा पैसा दिलवाने का झांसा देना। इसी लालच में आकर महिलाएं झूठे केस दर्ज करवा देती हैं। लेकिन जब कोर्ट में सच सामने आता है और मनचाहा पैसा या मेंटेनेंस नहीं मिल पाता, तो वकीलों और महिलाओं के बीच का यह झूठा गठबंधन टूटने लगता है। तब वकीलों पर ही गुमराह करने का आरोप लगाकर ऐसे हंगामे और झड़पें देखने को मिलती हैं, जैसा कि इस वीडियो/तस्वीर में साफ देखा जा सकता है! मुख्य बिंदु: पतियों से पैसे ऐंठने के लिए वकीलों द्वारा झूठे और बड़े वादे करना। महिलाओं को बहकाकर पति पर झूठे मुकदमे और मेंटेनेंस के केस फाइल करवाना। उम्मीद के मुताबिक पैसा न मिलने पर वकील और मुवक्किल के बीच खुद आपस में भिड़ंत होना। भारतीय अदालतों और कानूनी व्यवस्था का यह कड़वा सच आज सबके सामने है। इस तरह के खे...