इलाहाबाद HC का बड़ा फैसला: 16 साल की उम्र में निकाह वैध, रे*प नहीं माना जाएगा - एड निर्दोष परिहार वाइट
इलाहाबाद HC का बड़ा फैसला: 16 साल की उम्र में निकाह वैध, रे*प नहीं माना जाएगा — आरोपी इस्लाम को किया बरी Prayagraj News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपहरण, जबरन शादी और नाबालिग पत्नी से शारीरिक संबंध बनाने के एक केस में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस्लाम नामक युवक को सभी आरोपों से बरी कर दिया, जिसे पहले निचली अदालत ने 7 साल की सजा दी थी। क्या था मामला? इस्लाम पर आरोप था कि उसने एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर जबरन उससे शादी की और फिर शारीरिक संबंध बनाए। ट्रायल कोर्ट (निचली अदालत) ने इस्लाम को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 363 (अपहरण), 366 (जबरन शादी) और 376 (बलात्कार) के तहत दोषी मानते हुए सात साल की कठोर कैद की सजा दी थी। हाईकोर्ट ने क्यों दी राहत? मामले की सुनवाई जस्टिस अनिल कुमार की सिंगल बेंच ने की। उन्होंने ट्रायल कोर्ट का फैसला पलटते हुए इस्लाम को बरी कर दिया। हाईकोर्ट ने कई अहम बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए यह फैसला दिया: लड़की की गवाही ने बदला पूरा मामला पीड़िता (लड़की) ने कोर्ट में साफ कहा कि वह अपनी मर्जी से इस्लाम के साथ गई थी। उसने बताया कि दोनों ने कालपी में निकाह (...