जमानत कब दी जाती हैँ

जमानत कब दी जाती है, यह कई कारकों पर निर्भर करता है, जैसे कि अपराध की प्रकृति, आरोपी की स्थिति और मामले की गंभीरता. सामान्य तौर पर, जमानती अपराधों में, आरोपी को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद, जमानत पर रिहा कर दिया जाता है, बशर्ते वह जमानत मुचलका भर दे. वहीं, गैर-जमानती अपराधों में, जमानत पर रिहाई न्यायालय के विवेक पर निर्भर करती है और आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत होने के बाद जमानत के लिए आवेदन करना होगाजमानत के लिए आवेदन कब किया जा सकता है:
  • जमानती अपराध:
    यदि अपराध जमानती है, तो आरोपी को गिरफ्तार किए जाने के तुरंत बाद जमानत मिल सकती है, बशर्ते वह जमानत मुचलका भर दे. गैर-जमानती अपराध:
  • यदि अपराध गैर-जमानती है, तो आरोपी को गिरफ्तार किए जाने के बाद, न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत होने के बाद जमानत के लिए आवेदन करना होगा. 
  • अग्रिम जमानत:
    यदि किसी व्यक्ति को लगता है कि उसे गिरफ्तार किया जा सकता है, तो वह अग्रिम जमानत के लिए आवेदन कर सकता है. 
  • जमानत की अवधि:
    जमानत की अवधि मामले की गंभीरता और आरोपी की स्थिति पर निर्भर करती है. 

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